इस आठवें व अन्तिम दर्शन में, "श्रीमदनमोहन" के स्वरूप के भाव का कीर्तन "श्रीकृष्णदासजी" अधिकारीजी करते है। दिवस में ऋषभ सखा व रात्रि विहार में ललिता सहचरी की सहरूपासक्ति है। इसमें मुकुट का श्रृंगार व रासलीला का अनुभव, चरण स्थान से प्राकट्य है। मुख्य भाव बिलछू कुण्ड के ऊपर श्याम तमाल व कदम्ब के वृक्ष के नीचे श्रीगिरिराजजी में निवास हैSeeMore........
Tuesday, 17 January 2012
"जब गोमा टीला से गोविंद देव जी का प्राकट्य हो गया"
श्री रूप गोस्वामी सेवा कुञ्ज के अंतर्गत श्रीराधादामोदर मंदिर के पीछे छोटी सी भजनकुटी में साधन भजन करते थे .वे श्री चैतन्य महाप्रभु के आदेश से शास्त्र-प्रमाण अनुसार लुप्त तीर्थों को प्रकट करना चाहते थे .रूप गोस्वामी प्रतिदिन पञ्चकोसी वृन्दावन की परिक्रमा भी करते थे और ब्रज के वनों, उपवनों और ग्रामों में घूम-घूम कर योगपीठ को ढूंढा करते. SeeMore
Monday, 16 January 2012
सौफ है सेहतमंद
see more....
सौंफ में ऐसे अनेक औषिधीय गुण मौजूद होते हैं जो सभी के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है. बड़ा हो या छोटा बच्चा यह हर किसी के स्वास्थ्य के लिए बड़ी लाभकारी है. सौफ में कैल्शियम, सोडियम फास्फोरस, आयरन, पोटेशियम जैसी खास तत्व पाए जाते है, यूनानी दवाओ में सौफ की काफी सिफारिश की जा सकती है.
Monday, 26 December 2011
चांदी की अंगीठी से प्रभु को शीत से बचाया जाता है"
प्रात:काल मंगला आरती से पहले ठाकुर जी को ऊनी, मखमली कपडे से तैयार फरगुलऔर रजाई धारण कराई गई है. "चांदी की अंगीठी में चंदन की लकडी जला कर उन्हें तपाया भी जाता है.श्रद्धालुओं की भावना है कि उनके ठाकुरजीकडकडाती ठंड में शीत से ग्रस्त न हों"
see more...
श्री राधा जी ने सखियों के चित्र क्यों बनवाये ?"
श्यामा श्याम जी की बड़ी दिव्य लीलाएँ है निकुंज की,एक दिन का प्रसंग है, निकुञ्ज के एकान्त कक्ष में श्रीप्रियाजी मखमली सिंहासन पर अकेली बैठी हैं. उन्होंने धीरे से पुकारा- चित्रा ! अपना नाम सुनते ही श्रीचित्रा उपस्थित हो गयी. नयनों की भाषा में चित्रा पूछ रही थी - कि क्या आदेश है
see more...
Subscribe to:
Posts (Atom)




